सूचना का अधिकार कानून लागू होने के 21 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन देश में पारदर्शिता और न्याय की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पारदर्शिता पर काम करने वाले संगठन सतर्क नागरिक संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून 2026 तक देश के 28 सूचना आयोगों में 3,85,000 से अधिक अपीलें और शिकायतें लंबित हैं।
भारत मातृत्व मृत्यु दर के लक्ष्य को पाने के बहुत करीब है, लेकिन प्रगति धीमी होने के कारण परिणाम में बहुत अंतर नहीं दिख रहा है। हालांकि, पिछले दो दशकों में एमएमआर में भारी गिरावट आई है। ताजा आंकड़ा दर्शाता है कि जो प्रगति पहले बहुत तेजी से हो रही थी, वह अब लगभग थम सी गई है।














